भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। 17 अगस्त 2026 को जारी संगठनात्मक सूची में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महामंत्री और 16 राष्ट्रीय सचिव शामिल हैं। टीम में अनुभवी नेताओं के साथ कई नए चेहरों को भी जगह दी गई है। स्मृति ईरानी और राम माधव की अहम नियुक्तियों के साथ पार्टी ने संगठन के अलग-अलग मोर्चों में भी बदलाव किए हैं।
BJP New Team: राष्ट्रीय संगठन में बड़ा फेरबदल
भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को राष्ट्रीय स्तर पर अपने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए नई टीम की घोषणा की। यह नितिन नबीन के बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद उनकी पहली बड़ी राष्ट्रीय संगठनात्मक टीम है। नई सूची में पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ कई नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है।नई टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की संख्या पहले के 11 से बढ़ाकर 13 की गई है। राष्ट्रीय महामंत्रियों की संख्या भी सात से बढ़कर आठ हुई है, जबकि राष्ट्रीय सचिवों की संख्या 11 से बढ़ाकर 16 कर दी गई है।
13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों को मिली जिम्मेदारी
बीजेपी की नई टीम में कुल 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इनमें कुछ पुराने पदाधिकारियों को बरकरार रखा गया है, जबकि कई नए चेहरों को पहली बार इस स्तर पर जिम्मेदारी दी गई है।
1. वसुंधरा राजे सिंधिया — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
2. तीरथ सिंह रावत — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
3. राम माधव — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
4. बैजयंत जय पांडा — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
5. डी. पुरंदेश्वरी — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
6. रेखा वर्मा — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
7. वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
8. डॉ. भारती प्रवीण पवार — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
9. मनप्रीत सिंह बादल — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
10. लाल सिंह आर्य — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
11. एम. नागराजा — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
12. प्रो. तारिक मंसूर — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
13. डॉ. मधुचंद्रा कर — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
इनमें वसुंधरा राजे सिंधिया, बैजयंत जय पांडा, रेखा वर्मा और तारिक मंसूर को इस पद पर बरकरार रखा गया है। वहीं वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, डॉ. भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, एम. नागराजा और मधुचंद्रा कर जैसे नेताओं को नई टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है।
राम माधव की संगठन में वापसी
नई टीम में राम माधव की नियुक्ति भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले वह बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री की भूमिका में रह चुके हैं। पार्टी के नए संगठनात्मक ढांचे में उन्हें एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारी दी गई है।
स्मृति ईरानी बनीं राष्ट्रीय महामंत्री
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को बीजेपी का राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। यह नियुक्ति नई टीम की सबसे चर्चित घोषणाओं में से एक है। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद अब उन्हें पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।बीजेपी ने कुल आठ राष्ट्रीय महामंत्रियों की नियुक्ति की है। इनमें विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया शामिल हैं।
बीएल संतोष को संगठन की जिम्मेदारी जारी
बीएल संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) के पद पर बरकरार रखा गया है। इसके अलावा शिवप्रकाश और सौदान सिंह को राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन के स्तर पर ये पद पार्टी के कामकाज और राज्यों के साथ समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
16 राष्ट्रीय सचिवों की भी नियुक्ति
नई राष्ट्रीय टीम में 16 राष्ट्रीय सचिव बनाए गए हैं। इनमें विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से नेताओं को शामिल किया गया है।राष्ट्रीय सचिवों में कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, डॉ. भोला सिंह, प्रदीप वर्मा, जगदीश ईश्वरभाई पटेल, संदीप पाठक, फांगनोन कोन्याक, संगीता यादव, अनिल एंटनी, एम. वेंकटेशन, मनोज तिग्गा, सिद्धार्थ शंभू, स्वदेश सिंह, मृगांका देव बर्मन, रोहन गुप्ता और जय प्रकाश शामिल हैं।इनमें अनिल एंटनी को राष्ट्रीय सचिव के पद पर बरकरार रखा गया है। वहीं कई अन्य नेताओं को पहली बार राष्ट्रीय संगठन में अहम जिम्मेदारी मिली है।
युवा मोर्चा में भी बड़ा बदलाव
बीजेपी ने राष्ट्रीय मोर्चों के अध्यक्षों में भी बदलाव किया है। गुजरात के सांसद हेमांग जोशी को भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने तेजस्वी सूर्या की जगह ली है।महिला मोर्चा की जिम्मेदारी रूप कुमारी चौधरी को दी गई है। वहीं अमरपाल मौर्य को OBC मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। किसान मोर्चा में बंसीलाल गुर्जर को जिम्मेदारी मिली है। अल्पसंख्यक मोर्चा की कमान कुंवर बासित अली को दी गई है।
यूपी और आगामी चुनावों पर नजर
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम का गठन ऐसे समय हुआ है जब पार्टी के सामने आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियां हैं। खासतौर पर उत्तर प्रदेश की राजनीति पर पार्टी का फोकस महत्वपूर्ण माना जा रहा है।नई टीम में उत्तर प्रदेश से जुड़े नेताओं को भी प्रमुख स्थान मिला है। रेखा वर्मा और तारिक मंसूर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, जबकि स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। राष्ट्रीय सचिवों की सूची में भी उत्तर प्रदेश से जुड़े चेहरे शामिल हैं।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, संगठन में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और नए चेहरों को जगह देना पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि किसी नेता की नियुक्ति को सीधे किसी विशेष चुनावी रणनीति से जोड़ने के लिए पार्टी की ओर से अलग-अलग कारण नहीं बताए गए हैं।
नई टीम में अनुभव और नए चेहरों का संतुलन
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में अनुभवी नेताओं और नए चेहरों का मिश्रण दिखाई देता है। वसुंधरा राजे, राम माधव, बैजयंत जय पांडा और तीरथ सिंह रावत जैसे अनुभवी नेताओं को राष्ट्रीय जिम्मेदारियां मिली हैं, जबकि कई नए नेताओं को भी संगठन में आगे बढ़ाया गया है।रिपोर्टों के अनुसार नई टीम में कुल 65 पदाधिकारियों में 51 नए चेहरे हैं। टीम में महिलाओं और अलग-अलग सामाजिक एवं क्षेत्रीय समूहों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
नितिन नबीन के नेतृत्व में बनी यह टीम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनके बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद संगठन का नया ढांचा तय करती है। पार्टी ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की संख्या बढ़ाने के साथ कई नए नेताओं को जिम्मेदारी दी है।एक तरफ अनुभवी नेताओं को बनाए रखकर संगठनात्मक निरंतरता का संकेत दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ नए चेहरों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाकर भविष्य की नेतृत्व-व्यवस्था तैयार करने की कोशिश दिखाई देती है।आने वाले विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव की लंबी तैयारी के बीच यह बदलाव बीजेपी के संगठनात्मक कामकाज की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।













