प्रयागराज में बाढ़ : उतर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच कई इलाकों में बारिश और नदियां के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि गंगा, यमुना, सरयू और दूसरी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नज़र बनी हुई है। 26 अगस्त को मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक प्रदेश के 28 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। इनमें प्रयागराज, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर, झांसी, महाराजगंज और कुशीनगर समेत कई जिले शामिल है।
यूपी कई जिलों में बारिश के कारण प्रयागराज में बाढ़ जैसे हालात
बारिश का सबसे ज्यादा असर उन इलाकों में दिखाई देता है। जहां जल निकासी व्यवस्था कमजोर है या जो नदियों और नालों के आसपास बसे है। लगातार बारिश के कारण कई जगह सड़के जलमग्न होने, रास्तों पर पानी भरने से लोगों के आवागमन में परेशानी की स्थिति सामने आई है। पश्चिम उत्तरप्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का दौरा जारी है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की भी चेतावनी दी।
गंगा-यमुना के जलस्तर पर प्रशासन की नज़र
प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई है। हालांकि 25 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज में बाढ़ जैसे स्थिति बनी हुई है । अधिकारियों के अनुसान आगे किसी बांध या बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की स्थिति में जलस्तर दोबारा बढ़ सकता है ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
वाराणसी में भी बढ़ी चिंता
प्रयागराज के साथ-साथ वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण कई निचले इलाकों में पानी पहुंचने की स्थिति बनी। घाटों के आसपास के क्षेत्रों में भी जलस्तर बढ़ने से प्रशासन को सतर्क रहना पड़ा। राहत और बचाव के लिए प्रशासनिक टीमें सक्रिय की गई तथा प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने की व्यवस्था पर जोर दिया गया।
बारिश के साथ बांध-बैराज से पानी छोड़े जाने का भी असर
उत्तरप्रदेश में बाढ़ की स्तिथि केवल स्थानीय बारिश पर निर्भर नहीं करती। पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली भारी बारिश और विभिन्न बांधों या बैराजों से छोड़ा गया पानी भी नदियों के जलस्तर को प्रभावित कर सकता है। उत्तरप्रदेश राज्यों में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की जानकारी के अनुसार अलग अलग नदी बेसिनों में भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने की वजह से नदियों में उफान की स्थिति बन सकती है। गंगा और यमुना बेसिन से जुड़े कई जिले बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते है।
आज भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
26 अगस्त को मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक उतर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौरा जारी रहने की संभावना है। पूर्वी उतर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती है। जबकि पश्चिम उतर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर भी बारिश की संभावना है। प्रयागराज, सोनभद्र, झांसी, कानपुर समेत कई जिलों में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
| Date | Weather | High | Low | Rainfall |
|---|---|---|---|---|
| 24 Aug 2026 | Moderate/Heavy rain | ~31°C | ~26°C | ~19.8 mm |
| 25 Aug 2026 | Light rain / Overcast | ~32°C | ~25°C | ~4.2 mm |
| 26 Aug 2026 | Light rain / Overcast | ~33°C | ~26°C | ~29.2 mm |
ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों का पालन करना जरूरी है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोग नदी, नाले या तेज बहाव वाले रास्तों के नजदीक जाने से बचें और जरूरत पड़ने पर प्रशासन द्वारा बताए गए सुरक्षित स्थानों पर जाएं। फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम की स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। और आने वाले दिनों में बारिश के आधार पर बाढ़ का खतरा बढ़ या घट सकता है।











