CM योगी आदित्यनाथ 29 अगस्त को बलिया पहुंचकर बाढ़ व कटान प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके बाद गलाफरपुर स्थित राहत शिविर में करीब 50 पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री बांटेंगे। दौरे के दौरान देवरिया व गोरखपुर को 435 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात भी मिलेगी।
बलिया। बाढ़ की मार झेल रहे बलिया जिले में शनिवार को सीधे राहत मिली, जब खुद CM योगी आदित्यनाथ हालात का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने बाढ़ और कटान से जूझ रहे इलाकों का हवाई मुआयना किया और जमीनी हकीकत को करीब से समझा।आसमान से बाढ़ पर सीएम की पैनी नजर।तय समय के मुताबिक मुख्यमंत्री दोपहर 12:15 बजे देवरिया के मझौली तप्पा हवेली हेलीपैड से सरकारी हेलीकॉप्टर के जरिए बलिया रवाना हुए। रास्ते में करीब आधे घंटे तक हवा से ही बाढ़ग्रस्त इलाकों को देखते हुए उन्होंने नुकसान का अंदाजा लगाया। इसके बाद 12:45 बजे के करीब उनका हेलीकॉप्टर पकहां ग्राम पंचायत के गलाफरपुर गांव में उतरा। यहां से सीधे मुख्यमंत्री बाढ़ राहत शिविर की ओर बढ़े, जहां दोपहर एक बजे उनका पहुंचना हुआ। अगले आधे घंटे उन्होंने पीड़ित परिवारों के बीच बिताए उनसे बातचीत की, हाल पूछा और खुद अपने हाथों से राहत सामग्री सौंपी। प्रशासन ने पहले से ऐसे करीब 50 परिवारों को चिन्हित कर रखा था जो बाढ़ की सबसे ज्यादा मार झेल रहे थे। इसके अलावा सरकारी निर्देश पर बांसडीह, बैरिया और सदर तहसील के प्रभावित परिवारों तक भी राहत सामग्री पहुंचाई गई।
सीएम की दो-टूक चेतावनी: ढिलाई बर्दाश्त नहीं
सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि राहत-बचाव कार्यों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भोजन, इलाज और बुनियादी सुविधाओं की कमी न हो, इसका ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। सरकार आपदा की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी रहने की बात मुख्यमंत्री ने दोहराई। प्रवक्ता के मुताबिक अब तक 1,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और राहत टीमें लगातार सक्रिय हैं।
जान गंवाने पर 5 लाख की मदद, अस्पतालों में हाई अलर्ट जारी
दौरे के दौरान CM योगी एक बड़ी राहत की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि बाढ़ या आकाशीय बिजली की चपेट में आने से यदि किसी किसान, बटाईदार या उनके परिवार के किसी सदस्य की जान चली जाती है, तो मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अलावा बरसात के मौसम में सर्पदंश और अन्य संक्रमण फैलने के खतरे को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य महकमे को भी सतर्क कर दिया गया है। सभी सामुदायिक और जिला अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम और एंटी-रेबीज इंजेक्शन का पर्याप्त भंडार पहले से जुटा लिया गया है, जिससे इलाज के लिए मरीजों को कहीं और न भागना पड़े।
बाढ़ राहत के साथ-साथ विकास की भी सौगात
राहत शिविर का कार्यक्रम खत्म करने के बाद मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर पौने दो बजे गोरखपुर की ओर रवाना हुआ। खास बात यह रही कि यह दौरा केवल बाढ़ राहत तक सीमित नहीं था। इसी यात्रा में मुख्यमंत्री ने देवरिया और गोरखपुर को बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी। देवरिया में करीब 305 करोड़ रुपये की 80 योजनाओं और गोरखपुर में लगभग 131 करोड़ रुपये की 170 योजनाओं पर काम आगे बढ़ाने की घोषणा हुई। इस तरह एक ही दौरे में मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को भी रफ्तार देने का प्रयास
CM योगी के दौरे से पहले चाक-चौबंद हुआ पूरा प्रशासन
मुख्यमंत्री के इतने बड़े कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने पहले से ही पूरी मुस्तैदी दिखाई। दौरे से एक दिन पहले शुक्रवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह के साथ मिलकर कार्यक्रम स्थल का बारीकी से मुआयना किया और सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने की तैयारियों में जुटे रहे।














