चिराग पासवान को लेकर की गई कथित ‘ट्रांसजेंडर’ टिप्पणी के बाद बिहार की राजनीति में विवाद तेज हो गया है। मामला राजन सिंह के कथित बयान से जुड़ा है, जिस पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कड़ी आपत्ति जताई। मांझी ने बिहार सरकार से टिप्पणी करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी टैग किया। इस विवाद के बीच चिराग पासवान की राजनीतिक गतिविधियां भी चर्चा में हैं। उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है और संगठन विस्तार पर जोर दे रही है।
पटना: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। मामले में केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने कड़ा विरोध जताया है। मांझी ने बिहार सरकार से टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बिहार ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड से जुड़े रहे डॉ. राजन सिंह का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने चिराग पासवान की लैंगिक पहचान को लेकर कथित टिप्पणी की। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मामला तेजी से चर्चा में आ गया और राजनीतिक प्रतिक्रिया शुरू हो गई।
हालांकि, राजन सिंह की ओर से किया गया यह दावा प्रमाणित तथ्य नहीं है। उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में ऐसा कोई स्वतंत्र प्रमाण नहीं मिला है, जिससे चिराग पासवान की लैंगिक पहचान को लेकर इस दावे की पुष्टि होती हो। इसलिए इस दावे को तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि कथित बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
जीतन राम मांझी ने क्या कहा?
विवाद के बीच जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के बारे में इस तरह की टिप्पणी को अनुचित बताया और बिहार सरकार से कार्रवाई की मांग की। मांझी ने अपने पोस्ट में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी टैग किया। मांझी की प्रतिक्रिया का मुख्य मुद्दा यह था कि केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के खिलाफ कथित रूप से अभद्र टिप्पणी करने वाले व्यक्ति पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।इस प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने मांझी के पोस्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को ट्रांसजेंडर कहना अपने आप में अपमानजनक कैसे हो सकता है।
राजन सिंह को लेकर क्या सामने आया?
रिपोर्टों में राजन सिंह को बिहार के ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड से जुड़े व्यक्ति के रूप में बताया गया है। मौजूदा विवाद उनके एक वीडियो बयान के बाद सामने आया। अलग-अलग रिपोर्टों में उनके बयान के शब्दों और पृष्ठभूमि को लेकर कुछ अंतर हैं, लेकिन सभी प्रमुख रिपोर्टों में इस बात की पुष्टि होती है कि उनकी कथित टिप्पणी के बाद मांझी ने कार्रवाई की मांग की।
सोशल मीडिया से राजनीतिक विवाद तक पहुंचा मामला
शुरुआत में यह मामला सोशल मीडिया और वीडियो के जरिए चर्चा में आया, लेकिन मांझी की प्रतिक्रिया के बाद यह राजनीतिक मुद्दा बन गया। खास बात यह है कि विवाद में चिराग पासवान की ओर से इस समय कोई ऐसी प्रतिक्रिया सामने नहीं मिली है, जिसे इस खबर में उनके आधिकारिक जवाब के रूप में शामिल किया जा सके।इसलिए फिलहाल इस पूरे मामले का प्रमुख घटनाक्रम राजन सिंह की कथित टिप्पणी और उसके बाद जीतन राम मांझी की कार्रवाई की मांग है।
चिराग पासवान का यूपी मिशन भी चर्चा में
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब चिराग पासवान की पार्टी उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सक्रिय है।हालिया रिपोर्ट के अनुसार, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक तैयारी करने की बात कह रही है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासी ने प्रयागराज में बताया कि पार्टी ने 101 विधानसभा क्षेत्रों को विशेष रूप से चिह्नित कर संगठनात्मक तैयारियां तेज की हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, चिराग पासवान 27 सितंबर को प्रयागराज के परेड मैदान में युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम को पार्टी की यूपी चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। चिराग पासवान पहले ही उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी का ऐलान कर चुके हैं। जुलाई 2026 में उन्होंने यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही थी।












