1 अक्टूबर 2026: नौकरी करने वाले लोगों के लिए PF से जुड़ी एक बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने EPFO के तहत अनिवार्य PF कवरेज की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दी है। यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से लागू हो चुका है। यानी जिन कर्मचारियों की मासिक वेतन सीमा ₹15,000 से ज्यादा और ₹25,000 तक है, उनमें से पात्र कर्मचारियों को अब EPFO की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का फायदा मिल सकता है। सरकार के मुताबिक इस बदलाव से देशभर में 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारी EPFO के दायरे में आ सकते हैं।
पहले क्या था नियम?
अब तक EPFO में अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन की सीमा ₹15,000 प्रति माह थी। यह सीमा सितंबर 2014 में तय की गई थी। इसका मतलब यह था कि ₹15,000 से ज्यादा वेतन पर नौकरी शुरू करने वाला नया कर्मचारी कुछ स्थितियों में अपने आप अनिवार्य EPF कवरेज में नहीं आता था। अब सरकार ने इस सीमा को बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया है। सरल भाषा में समझें तो पहले जहां ₹15 हजार तक की वेतन सीमा पर अनिवार्य PF का नियम लागू था, अब इसे बढ़ाकर ₹25 हजार कर दिया गया है। इससे ₹15 हजार से ₹25 हजार तक की वेतन सीमा वाले कई नए कर्मचारी भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकते हैं।
कर्मचारियों को क्या फायदा मिलेगा?
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पात्र कर्मचारियों को EPFO की तीन प्रमुख योजनाओं का लाभ मिल सकता है। इनमें EPF, EPS और EDLI शामिल हैं।EPF यानी Employees’ Provident Fund में कर्मचारी के नाम पर PF की बचत होती है। यह पैसा नौकरी के दौरान जमा होता रहता है और भविष्य में आर्थिक मदद देता है।EPS यानी Employees’ Pension Scheme के तहत पेंशन से जुड़ी सुविधा मिलती है। वहीं EDLI यानी Employees’ Deposit Linked Insurance Scheme के तहत बीमा से जुड़ी सुरक्षा मिलती है। ये सभी सुविधाएं संबंधित नियमों और कर्मचारी की पात्रता के अनुसार मिलती हैं।
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PF में कितना योगदान होगा?
नई व्यवस्था में वेतन सीमा बढ़ने के कारण PF और पेंशन से जुड़े योगदान की गणना भी बदले हुए नियमों के अनुसार होगी। EPFO की जानकारी के अनुसार पेंशन योग्य वेतन की अधिकतम सीमा ₹25,000 होने पर नियोक्ता का अधिकतम EPS योगदान 8.33 प्रतिशत के हिसाब से करीब ₹2,083 प्रति माह तक हो सकता है। हालांकि किसी कर्मचारी के खाते में वास्तविक योगदान उसकी वेतन संरचना और लागू EPFO नियमों पर निर्भर करेगा।इसलिए हर कर्मचारी की PF कटौती बिल्कुल एक जैसी होगी, ऐसा जरूरी नहीं है।
कितने लोगों को मिलेगा फायदा?
सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारी EPFO की अनिवार्य कवरेज में आ सकते हैं। सरकार का कहना है कि इससे ज्यादा लोगों को PF बचत, पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ मिलेगा। यह बदलाव करीब 12 साल बाद किया गया है। पिछली बार EPFO की वेतन सीमा सितंबर 2014 में ₹15,000 की गई थी। अब बढ़ती सैलरी और औपचारिक नौकरी के बढ़ते दायरे को देखते हुए इसे ₹25,000 किया गया है।
क्या हाथ में आने वाली सैलरी कम हो सकती है?
PF में कर्मचारी का हिस्सा वेतन से कटता है। इसलिए जिन कर्मचारियों पर नए नियम के तहत PF लागू होगा, उनकी हाथ में मिलने वाली सैलरी और PF में जमा होने वाली रकम पर असर पड़ सकता है। लेकिन इसके बदले कर्मचारी के नाम पर भविष्य के लिए PF की बचत बढ़ेगी और पात्रता के अनुसार पेंशन व बीमा जैसी सुविधाएं भी मिल सकती हैं।कर्मचारियों को अपनी सैलरी स्लिप में PF कटौती जरूर देखनी चाहिए और EPFO की पासबुक में यह भी जांचना चाहिए कि कंपनी ने सही रकम जमा की है या नहीं।
1 अक्टूबर से नहीं, 17 सितंबर से लागू हुआ बदलाव
यहां एक जरूरी बात ध्यान देने वाली है। सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में इसे 1 अक्टूबर से लागू होने वाला नियम बताया जा रहा है, लेकिन सरकारी जानकारी के मुताबिक नई ₹25,000 की वेतन सीमा 17 सितंबर 2026 से प्रभावी है। इसलिए खबर को 1 अक्टूबर से लागू होने वाले बदलाव के रूप में बताना सही नहीं होगा। EPFO ने अपनी वेबसाइट पर इस नई वेतन सीमा से जुड़े FAQs भी जारी किए हैं, जहां कर्मचारी और कंपनियां नए नियम से जुड़ी जानकारी देख सकती हैं।
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