---Advertisement---

2,500+ विशेषज्ञ, 40 रोबोटिक सर्जरी रोज! भारत में मेडिकल रोबोटिक्स की बड़ी छलांग, दिल्ली-NCR बना हब

भारत में रोबोटिक सर्जरी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। नई दिल्ली में 2 से 4 अक्टूबर तक आयोजित SRS India 2026 में रोबोटिक सर्जरी, AI, टेली-सर्जरी, ऑटोमेशन और डॉक्टरों के प्रशिक्षण पर चर्चा हुई। सम्मेलन में 2,500 से अधिक विशेषज्ञों के शामिल होने की बात सामने आई।

नई दिल्ली: भारत का हेल्थकेयर सेक्टर तेजी से मेडिकल टेक्नोलॉजी के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। रोबोटिक सर्जरी इस बदलाव के प्रमुख हिस्सों में शामिल है। नई दिल्ली में आयोजित Society of Robotic Surgery (SRS) India 2026 के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ने भारत में सर्जिकल रोबोटिक्स के बढ़ते महत्व को सामने रखा। सम्मेलन 2 से 4 अक्टूबर 2026 तक Le Méridien, नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। आधिकारिक कार्यक्रम में लाइव सर्जरी, टेक्नोलॉजी सेशन, रोबोटिक सर्जरी ट्रेनिंग, AI, टेली-सर्जरी और ऑटोमेशन जैसे विषय शामिल हैं।

सम्मेलन में देश और दुनिया के 2,500 से अधिक रोबोटिक विशेषज्ञों के भाग लेने की जानकारी सामने आई है। इससे संकेत मिलता है कि भारत में रोबोटिक सर्जरी अब केवल चुनिंदा अस्पतालों तक सीमित तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि मेडिकल शिक्षा, प्रशिक्षण और विशेषज्ञों के बीच पेशेवर चर्चा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है।

AI और टेली-सर्जरी पर खास फोकस

SRS India 2026 के कार्यक्रम में AI, Telesurgery और Automation के लिए अलग सत्र रखा गया है। इसके अलावा विभिन्न रोबोटिक प्लेटफॉर्म, रोबोटिक सर्जरी की मूल तकनीक और प्रशिक्षण से जुड़े सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। यानी सम्मेलन का फोकस केवल मशीनों के प्रदर्शन तक नहीं है, बल्कि डॉक्टरों की क्षमता बढ़ाने और तकनीक को क्लिनिकल प्रैक्टिस से जोड़ने पर भी है।

टेली-सर्जरी इस क्षेत्र का खास पहलू है। सम्मेलन में दिल्ली और इंदौर के बीच लाइव टेली-सर्जरी का प्रदर्शन भी निर्धारित किया गया है। इससे यह दिखता है कि भविष्य में विशेषज्ञता को भौगोलिक दूरी से अलग करने की कोशिश तेज हो रही है।

जितेंद्र सिंह ने बताया भविष्य का विजन

SRS India 2026 को संबोधित करते हुए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि रोबोटिक्स का इस्तेमाल सिर्फ सर्जरी तक सीमित नहीं रहेगा। उनके अनुसार Robotics, Artificial Intelligence और Nanoscience मिलकर precision और personalised healthcare के लिए नया इकोसिस्टम तैयार कर सकते हैं। उन्होंने भविष्य में Robotic Medicine, Robotic Endocrinology और Robotic Cardiology जैसे क्षेत्रों के उभरने की संभावना भी बताई। उनका कहना था कि AI और टेली-रोबोटिक्स विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को भौगोलिक सीमाओं के पार पहुंचाने में मदद कर सकते हैं।

दिल्ली-NCR क्यों बन रहा महत्वपूर्ण केंद्र?

दिल्ली-NCR में बड़े अस्पतालों, विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की मौजूदगी ने क्षेत्र को रोबोटिक सर्जरी के लिए महत्वपूर्ण बनाया है। सम्मेलन का आयोजन भी दिल्ली में हुआ और इसकी आयोजन समिति का संबंध दिल्ली-NCR स्थित Max Institute of Minimal Access, Bariatric & Robotic Surgery से है। क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी की वास्तविक गतिविधि भी बढ़ रही है। उदाहरण के तौर पर Medanta Noida ने सितंबर 2026 में बताया कि अपने पहले साल में अस्पताल ने 240 से अधिक robotic surgeries की हैं। यह आंकड़ा पूरे NCR का नहीं है, लेकिन क्षेत्र में उन्नत सर्जिकल तकनीक के इस्तेमाल का एक उदाहरण जरूर देता है।

क्या रोबोट डॉक्टर की जगह लेगा?

रोबोटिक सर्जरी को समझने का सबसे जरूरी पहलू यह है कि सामान्य तौर पर रोबोट खुद से ऑपरेशन करने वाला स्वतंत्र डॉक्टर नहीं होता। सर्जिकल रोबोट डॉक्टर द्वारा नियंत्रित किया जाता है और तकनीक का उद्देश्य सर्जन को अधिक सटीकता, बेहतर विजुअलाइजेशन और उपकरणों के नियंत्रण में सहायता देना होता है।इसीलिए आने वाले समय में चुनौती केवल रोबोट खरीदने की नहीं होगी। अस्पतालों को प्रशिक्षित सर्जन, तकनीकी टीम, उचित इंफ्रास्ट्रक्चर और मरीजों के लिए लागत को भी ध्यान में रखना होगा। SRS India 2026 में Training & Credentialing in Robotic Surgery के लिए अलग सत्र होना इसी जरूरत को रेखांकित करता है।

भारत के हेल्थकेयर में आगे क्या बदलेगा?

रोबोटिक्स, AI और टेली-सर्जरी के एक साथ आगे बढ़ने से भारत में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की संभावना है। खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहां किसी विशेष बीमारी के विशेषज्ञ सीमित संख्या में उपलब्ध हैं, टेली-रोबोटिक्स भविष्य में दूरी कम करने में मदद कर सकता है।हालांकि, इसे बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए तकनीकी सुरक्षा, डॉक्टरों का प्रशिक्षण, नियामकीय व्यवस्था और मरीजों की affordability जैसे मुद्दों पर लगातार काम करना होगा।

Follow Us On

---Advertisement---

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

1 thought on “2,500+ विशेषज्ञ, 40 रोबोटिक सर्जरी रोज! भारत में मेडिकल रोबोटिक्स की बड़ी छलांग, दिल्ली-NCR बना हब”

Leave a Comment