अमेरिका में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का प्रावधान चर्चा में है। भारत और चीन भी संभावित दायरे में है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भारत पर अभी 100% टैरिफ लागू हो चूका है।
भारत पर 100% टैरिफ: भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका में ऐसे कानून की पहल हुई है जिसके तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 100% तक टैरिफ लगाया जा सकता है। भारत और चीन इस संभावित कार्रवाई के दायरे में आ सकते है।
क्या भारत पर सच में लगेगा 100% टैरिफ
फिलहाल इसका जवाब पक्का हा नहीं है प्रस्तावित कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार दे सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं की भारत पर स्वत: 100% शुल्क लागू हो जाएगा अंतिम फैसला अमेरिका प्रशासन की कार्रवाई और आगे होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगा। अमेरिकी अधिकारी पीटर नवारो ने भी कहा है कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस से तेल खरीदने से जुड़े टैरिफ विवाद को सुलझाने की दिशा में काम कर सकते है। इससे संकेत मिलता है8 की बातचीत के जरिए रास्ता निकले की संभावना अभी बनी हुई है।
भारत के लिए क्या मायने है
अगर अमेरिका भारत पर अतिरिक्त शुल्क बढ़ता है, तो भारतीय उत्पादों के लिए अमरीकी बाजार में लगात बढ़ सकती है और निर्याताओं पर दबाव पड़ सकता है वही, भारत लगातार अपनी ऊर्जा जरूरतों और व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए स्वतन्त्र नीति पर जोर देता जा रहा है।
आगे क्या होगा
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमेरिका वास्ताव में भारत पर कितना अतिरिक्त शुल्क लगाता है 100% टैरिफ फिलहाल एक संभावित अधिकत्म दर है, लागू हो चूका शुल्क नहीं है आगे आने वाले दिनों में अमेरिका-भारत बातचीत और रूस से भारत के तेल आयात पर लिए जाने वाले फैसला इस मामले की दिशा तह करेगा।













