कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत की स्टार मुक्केबाज जैस्मिन लांबोरिया ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला 57 किलोग्राम भार वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को 5-0 के एकतरफा फैसले से हराकर भारत के लिए दिन का दूसरा गोल्ड मेडल जीता। इससे पहले प्रीति पवार ने महिला 54 किग्रा बॉक्सिंग फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को 5-0 से हराया।
फाइनल में दिखा दमदार प्रदर्शन
मुकाबले की शुरुआत से ही जैस्मिन लांबोरिया पुरे जोश में नजर आयी। उन्होंने आक्रामक रणनीति के साथ पुरे मैच में अपना शानदार प्रदर्शन दिखाया। उनके तीनो राउंड के दमदार प्रदर्शन से माइकेला वॉल्श वापसी न कर सकीं और आखरी में गोल्ड अपने नाम किया।लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर उन्होंने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया।
आखिर कौन हैं जैस्मिन लांबोरिया?
भारत के ‘लिटिल क्यूबा’ कहे जाने वाले भिवानी हरियाणा से है जैस्मिन लांबोरिया। जैस्मिन लांबोरिया का संबंध एक ऐसे परिवार से है, जहां कई सदस्य मुक्केबाजी से जुड़े रहे हैं। जैस्मिन को मुक्केबाजी की प्रेरणा अपने चाचाओं से मिली जोखुद राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर मुक्केबाज रहे हैं।
जैस्मिन की अब तक की उपलब्धियां
जैस्मिन लांबोरिया ने कम समय में ही भारतीय मुक्केबाज़ी में अपनी अलग पहचान बनाई है। जिन्होंने 2021 एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप, 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स, 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत की ओर से खेलीं तथा 2025 में विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा और फिर 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और बड़ी सफलता जोड़ दी। उनकी इस सफलता पर खेल प्रेमियों और पूरे भारतीय दल ने खुशी जताई।













