लोकसभा के मानसून सत्र का गुरुवार को समापन हो गया। सत्र के आखिरी दिन सदन की कार्यवाही वंदे मातरम् के गायन के साथ शुरू हुई। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई प्रमुख नेता सदन में मौजूद रहे।
वंदे मातरम् के साथ हुई आखिरी कार्यवाही
गुरुवार, 13 अगस्त को संसद के मानसून सत्र का आखिरी दिन था। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में वंदे मातरम् का गायन हुआ। सांसद अपने-अपने स्थान पर खड़े रहे और राष्ट्रीय गीत के सम्मान में हिस्सा लिया।
इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। इसके साथ ही मानसून सत्र औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।
सदन में मौजूद रहे पीएम मोदी और अमित शाह
सत्र के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी लोकसभा में मौजूद रहे। अंतिम कार्यवाही के दौरान सदन का माहौल कुछ देर के लिए औपचारिक और शांत नजर आया।
हालांकि, इससे पहले पूरे सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर जोरदार टकराव देखने को मिला था।
हंगामे के बीच चला पूरा मानसून सत्र
इस बार का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था। शुरुआत से ही विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की। लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार प्रभावित हुई।सत्र के दौरान सरकार की ओर से कई विधेयक आगे बढ़ाए गए, लेकिन विपक्ष ने कई विधेयकों पर पर्याप्त चर्चा नहीं होने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ सरकार ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
वंदे मातरम् को लेकर क्यों रही चर्चा?
इस बार वंदे मातरम् को लेकर संसद में विशेष चर्चा रही। राष्ट्रीय गीत के सम्मान और उसके औपचारिक इस्तेमाल से जुड़े मुद्दे हाल के महीनों में राजनीतिक चर्चा का हिस्सा रहे हैं।
13 अगस्त को लोकसभा की अंतिम बैठक की शुरुआत वंदे मातरम् से होना भी इसी वजह से खास माना गया। मीडिया रिपोर्टों ने इसे लोकसभा की कार्यवाही की शुरुआत में वंदे मातरम् के इस्तेमाल का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है।
सत्र समय से पहले हुआ खत्म
मानसून सत्र को निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही समाप्त कर दिया गया। संसद के दोनों सदनों को 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक सत्र के दौरान दोनों सदनों ने कुल 12 विधेयक पारित किए।इस तरह करीब तीन सप्ताह तक चले मानसून सत्र का अंत भी राजनीतिक हलचल के बीच हुआ। लेकिन आखिरी दिन लोकसभा में वंदे मातरम् के गायन ने सत्र के समापन को एक अलग पहचान दी। गीत के बाद सदन स्थगित हुआ और सांसद संसद से बाहर निकल गए।













